"मैं तुम्हारा यीशु हूँ, अवतार लेकर जन्म लिया हुआ। हर वर्तमान क्षण को जैसे आता है वैसे स्वीकार करो--दुख, दर्द, विजय। तुम्हारे लिए परमेश्वर की इच्छा प्रत्येक वर्तमान क्षण में पूर्ण होती है। तुम्हारी स्वीकृति ही समर्पण है।"
"मैं तुम्हारा यीशु हूँ, अवतार लेकर जन्म लिया हुआ। हर वर्तमान क्षण को जैसे आता है वैसे स्वीकार करो--दुख, दर्द, विजय। तुम्हारे लिए परमेश्वर की इच्छा प्रत्येक वर्तमान क्षण में पूर्ण होती है। तुम्हारी स्वीकृति ही समर्पण है।"
उत्पत्ति: ➥ HolyLove.org
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